सुखौंत स्नेह
🌿
🌿 स्नेहो एक दिन सुखा गेल !
आब समस्या जे ओहन प्राण सन ज्ञान कें
कत’ राखी ?
ल’ गेलौं भनसा घर आ
एक टा प्लास्टिकक देखनुक कलात्मक डिब्बा मे
ओरिया क’ राखि लेलौं।
आब दालि सं ल’ कोनहुं तीमन-तरकारी कें
एही सं छौंक क’ स्वादिष्ट बना लैत छी।
सबदिन तं हरियर रहय नहि,हरियरो मिर्चाइ।
लाल मिर्चाइक फोरन भ’ गेलय सुखा क'
हमर स्नेह ! 🍁
🍁
गंगेश गुंजन। १३.०१.’१८.
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें