दोहा जकाँ अप्रैल 10, 2019 लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप दोहा जकाँ कविताक तराजू नहिं भावक न हो बटखारा। कुश्ती विचार नहि हो बुद्धिक न हो अखाड़ा। 🌻 गंगेश गुंजन टिप्पणियाँ
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