....सबहारा भाषा न'व भूमि तकलौं...

बेसी लोक अपन पितरक अरजले भूमि उपजा खयलनि।                    हम अपन सबहारा भाषा,न'व भूमि तकलौं जोतलौं।


                 🌾🌾गंगेश गुंजन


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