विद्यापति मैथिलीक अभिमान !

महाराजक ल'ग मे रहि क’ दरभंगा अगधाइत रहल।

विद्यापति छथि हमरा लग मे से छै मधुबनीक अभिमान !


गंगेश गुंजन

(उचितवक्ता डेस्क)

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