चिड़ै तं गीत ल' क' उड़ि रहल छल ! नवंबर 14, 2019 लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप पिजायल चांगुरक चक्कू ल' क' मेघ भरि बाज कियेक उड़ि रहल छल?चिड़ै तं गीत ल' क' उड़ि रहल छलककरो प्रीत भ' क' उड़ि रहल छल।गंगेश गुंजन।(उचितवक्ता डेस्क) टिप्पणियाँ
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