चिड़ै तं गीत ल' क' उड़ि रहल छल !

पिजायल चांगुरक चक्कू ल' क' 

मेघ भरि बाज कियेक उड़ि रहल छल?

चिड़ै तं गीत ल' क' उड़ि रहल छल

ककरो प्रीत भ' क' उड़ि रहल छल।


गंगेश गुंजन।(उचितवक्ता डेस्क)

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