जेना पंजाबी भाषा कें अमृता प्रीतम भेटलथिन आ बंगला कें महाश्वेता देवी,तेना भेटै लय मैथिली कें एखन प्रतीक्षा कर' पड़तै।यद्यपि नव पीढ़ीक मैथिली मे एकाधिक कवयित्रीकें पढ़ैत काल अमृता प्रीतम अंकुरा रहलाक आभास भेटैए तं आशा आनंदित भ' जाइत छी।मोश्किल ई जे कोनहुं आंकुरक वृक्ष हयब शिक्षा,संस्कृति समेत आन कतोक सामाजिक जलवायुक पारिस्थितिकअनुकूलता पर निर्भर रहैत छैक।
हम ई मानैत छी जे मैथिली कें ओएह आ ओहने नहि, मुदा मैथिली अमृता-महाश्वेता तं चाही।
गंगेश गुंजन।(उचितवक्ता डेस्क)
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