....ज़ुल्म सरे आम है दिसंबर 26, 2019 लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप ये कौन है सुल्तान यह कैसा निज़ाम है। बेटी-बहन-मां तक पे ज़ुल्म सरे आम है।* गंगेश गुंजन (उचितवक्ता डेस्क) टिप्पणियाँ
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