🌀। ग़ज़लसन ।🌀
फेरो किछु अहिना चलि गेल
दिन सब टा जहिना ढलि गेल
फेरो ने क्यो कहि क' आयल
गछि क' फेरो ने कोइ गेल
फेरो झरकल मज्जर टिकुला
रौद तहन,बसात बहि गेल
फेरो से लाचारी भेल
कनिञे धक्का सँ ढहि गेल
फेरो धार बहल कोन दिस
सूखल बालु एतय रहि गेल
फेरो सोर करैए हमरे
एते क्लेश जे सब सहि गेल
फेर वैह' प्रभुताक लड़ाइ
देश-देश देखू भिड़ि गेल
फेरो ओ द' देलक धोखा
निर्घिन राजनीति छलि गेल
फेरो सुख पड़ायल परदेस
गंगेशक दु:ख टा रहि गेल।
| 🌖 |
गंगेश गुंजन #उचितवक्ताडेस्क।
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