आत्मविनोद : एक मैथिली साहित्यक जी-२०.

🌼     मैथिली साहित्यक जी-२०.    🌼

  जेना अपन गुटनिरपेक्ष हैसियत संगे स्वतंत्र भारत आइ धरि विश्वक राजनीति मे निर्द्वंद्व गतिशील रहल,तहिना व्यापक कट्टर गुटसापेक्ष मैथिली-साहित्य मे हम भारत जकाँ एखन धरि विर्त्त छी।
   ई एक रती बेसी तँ नहिं भ' गेलै 🤪?
                       ।| 🏜️ |।                                          गंगेश गुंजन 
               #उचितवक्ताडेस्क।

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