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कोइ की कहैए तै पर नहिं जाइ, स्वयं अपने की रहल छी,कोन बुद्धि आ निष्ठा संँ तै पर ध्यान राखी।
ई हमरा बाबू कहि गेलाह। 🕊️ गंगेश गुंजन #उचितवक्ताडेस्क।
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