विद्यापति आब राजा शिवसिंह लय कविता...

🏩     विद्यापति आब राजा शिवसिंह लय...
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   विद्यापति आब,राजा शिवसिंह आ लखिमा रानी केँ प्रसन्न करै लय कविता नहिं लीखैत छथि।
  विद्यापतिक एहन सपरतीब ?
  सुनै छी जे कविक एहन सपरतीब पर लोकतंत्र युगक आधुनिक राजा रानी संस्था सभक अध्यक्ष, महासचिव,सचिवक घोर उपेक्षाक पात्र बनल छथि।
   तँ कविकोकिल आब मरि जयता की ?
                          📕                                                गंगेश गुंजन                                      #उचितवक्ताडेस्क।

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