दू पँतिया : टूटि क खसि पड़ि सकैए कोनो ठाँ जनवरी 18, 2024 लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप टूटि क’ खसि-पड़ि सकइये हृदय कउखन कोनहुँ ठांँ. के अबैए रहय लय आब एहन जर्जर घ’र मे। 🌼। गंगेश गुंजन #उचितवक्ताडेस्क। टिप्पणियाँ
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