दू टा दू पँतिया
जे जहिना छल तहिना अछि
एखनहुँ दुक्खे बहिना अछि।
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बदलब तँ हद्दे भ’ गेल
काल्हि वाम से,दहिना अछि।
।।
गंगेश गुंजन #उचितवक्ताडेस्क।
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