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मैथिली आ हिन्दी मे दू टा अत्यन्त मर्मस्पर्शी कविता प्रकाशित भेलय आइ : संजय कुन्दनक- 'शिव'(हिन्दी),आ अभिलाष ठाकुरक मैथिली ग़ज़ल।
पहिल कहैए जे कविता की हो !
दोसर कहैए जे मैथिली ग़ज़ल केहन हो।
सर्वथा दू मनोभूमिकअपन-अपन नीक!
अवश्य पढ़ल जयबाक चाही।
गंगेश गुंजन आग्रह :
#उचितवक्ताडेस्क।
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