यश ! 🌈। यश मनुष्यक तेहन मूल्यवान गहना होइत छैक जे राखल तँ रहैत छैक समाज मे किन्तु तकर रक्षा ओइ व्यक्ति कें अपना घरक मे कर’ पड़ैत छैक।
लोक-प्रशस्तिक से गहना,अवसर विशेष सब पर व्यक्ति कें समाज पहिरबैत रहैत छैक।
गंगेश गुंजन #उचितवक्ताडेस्क।
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