ओना तंँ कोनो आइए नहिं,परन्तु मैथिलीमे किछु गोटय कविताक व्याकरण नहिं, व्याकरणेक कविता बनयबामे हलकान भेल लागल रहैत छथि! शुभेच्छा।
•• गंगेश गुंजन
#उवडे.२०मई, '२४.
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