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प्रेम
भीजल कागज
घरौआ मोसि
कांँच कलम
जन्मौटी बच्चाक नाभिक नीब
लाल टेस अक्षर !
प्रेमक खिस्सा सब दिन
एहिना लीखल गेल।
🌾|🌾।
गंगेश गुंजन #उचितवक्ताडेस्क।
(पुनर्प्रस्तुति).
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