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बड़ गौरव प्रेमक हमरा
लेल भने कृष्ण अवतार।
संसारक व्यापार अलग
स्नेहक भिन्न अपन बेवहार।
दुनियादारी रहओ अपन
नेह उघब हम भेल कहार।
छल राधा-कृष्णक अनुबंध
आब बचल नहिं कोनो करार।
एक तरफ़ सौंसे संसार
दोसर दिस अहाँ के प्यार।
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गंगेश गुंजन
#उचितवक्ताडेस्क।
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