🌱🌱 दू टा दुपंँतिया .
कोय लिखि-लिखि क’ मेटा रहलय
मिटाएल कें कोय,उचारै-ए।
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सब कालक दुनिया मे एक टा ख़ास
बात जरूर रहलै,
दुःख गरीबक बढ़िते गेलै धनिक और
सुख समृद्ध भेल।
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गंगेश गुंजन
#उचितवक्ताडे.
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