🌼। फेसबुक: नारक टाल. ।🌼
ध्यान हयत जे पहिने लोक सब धाने बेसी उपजबै छल। हमरा गाम मे तँ कमला माय आ हुनकर पाँकक प्रसादात अओर बेसिए।
हाल हाल धरि सुभ्यस्त गृहस्थ लोककें माल-जाल लय चारा जोगा क’ रखै लय, नारक टाल रहैत छलनि। एखनो होइते होइन।समय समय पर ताही नारक टाल पर स्वच्छंद साँढ़-महिंसा देह-पीठ रगड़ि क’ अपन कुरियैनी छोड़बैत रहय। सैह नारक टाल हमरा कय काल आजुक ई फेसबुक पृष्ठ लगैए !
फेसबुक पर अपन-अपन टिप्पणी लिखैत बेसी काल कय टा विशिष्टो लोक,कवि, प्रोफेसर सँ ल’क’ किछु सामाजिक कार्यकर्ता धरि हमरा सैह करैत बुझाइत छथि-देह-पीठ
कुरियबैत।
हमरा माफी चाही।🌼
गंगेश गुंजन
#उचितवक्ताडे.
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