🌿 बात छैक जे...(१.).
प्रेम मनुष्यक प्रायः एकमात्र अनुभव
अछि जकरा भेटि गेलै से आनन्द संँ
जीअऽ लगैए आ जकरा नहिं भेटि
सकलै से आनन्द संँ जीयै लय भरि
जीवन,प्रेमहि केँ ताकै मे जीवि लैए।
(क्रमशः) 🌿
गंगेश गुंजन
#उचितवक्ताडेस्क।
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