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धनिक लोक : गरीब लोक!
धनिक लोक कें गरीब लोकक स्वाभिमान सेहो घमंड लगैत छैक। तहिना गरीब के धनिकक विनम्रता-सहजता सेहो पाखण्ड बुझाइत छैक जे स्वाभाविके छैक।
किन्तु ऐ बात कें, प्रेम सँ बुझबाक चाही।
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गंगेश गुंजन
#उचितवक्ताडेस्क।
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