।🌜🛖🌛।
‘फेसबुक दलान पर’
!🙏!
ठांँइ पर ठांँइ सबके सुपतो कहबे क'रबै
लोक कप्पार ने फोड़त तँ की आरती क’रत ‘आलोचकक आलोचना?ई सपरतीब,अहँक स'ब अन्ठाउत नैतंँ फे'बुक पर ‘लाइक’करत
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गंगेश गुंजन
#उचितवक्ताडेस्क।
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