|🛖| ई जे फेसबुक दलान...
🙏!🙏
कवि मुकेश आनन्द जी हृदय सं सक्रिय मैथिली प्रेमी कवि,रचनाकार छथि।ओ बड़ विनम्रता पूर्वक एक टा बहुत आवश्यक रचनात्मक आग्रह कयलखिन जे-
‘-पोथी पढ़ि क’ अपन प्रतिक्रिया सेहो लिखबाक आदति लगयबाक चाही हमरा लोकनि केँ।’
-‘पोथी पढ़बेक कोन काज प्रतिक्रिया लिखय लय? जखन बिनु पढ़नहुंँ फेसबुक पर ढाकीक ढाकी प्रतिक्रिया लिख क’ साँठले जा सकैए, कुटमैती- दियादी, आ गुरु-चेला सुतारले जा सकैए,तँ पोथी पढ़बाक झंझटिए किएक उठाओत कोय ? सोचै वला बात छैक, प्रेम संँ।’
आग्रह पर फटाक् सँ एक टा फेसबुक मित्र त्वरित टिपलखिन।
आब एकर कोन उपाय ? 😜 गंगेश गुंजन
#उचितवक्ताडेस्क।
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