बैल ने कूदय कूदय तंगा

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                ‘बैल ने कूदय,कूदय तंगा’
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   देशक राजनीति मे सम्प्रति ‘बैल ने कूदय, कूदय तंगा’ कहबी चरितार्थ भ’रहल अछि।देश दुनियाक जे परिस्थिति अछि तकरा बुझैत एखन एत’ अपन देसी पक्ष-विपक्ष पर्यन्त एकमत भेल छथि। किन्तु दुनू दलक कोइलपद्दू टुटपुजिया नेता-टाईप किछु लोक सब-गाम,मोहल्ला सभ मे सरकार आ विपक्षक कुश्ती लड़ि रहल छथि।
  तमाशा तँ ई जे कुश्ती,उभय पक्ष बन्दो करब’ चाहैत छथि तथापि मचल अछि…!
  व्यापक देशहित मे जाग्रत जनता कें तत्काल,बन्द करबाक आपसी बुद्धि बनयबाक चाही ई।
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                    गंगेश गुंजन                                        #उचतवक्ताडे.

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