समस्या है कि मित्र बनते समय आदमी परीक्षा तो नहीं लेता।और जब किसी से मैत्री हो गई और वह मूर्ख ही निकल जाए तो उस दोस्त को छोड़ कैसे देगा दोस्त...
माफ़ करिये कबीर दास बाबा,भले आपका ही कहा हुआ है। यह बात मैं तो नहीं मान पाऊँगा आपकी। सविनय अवज्ञा कर रहा हूँ।
गंगेश गुंजन
#उचितवक्ताडेस्क।
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