अपन दुःख - सुख जून 15, 2025 लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप अपन दुःख सुखाएल चेरा जकाँ धधका क' राखी। सुख केँ झील आ झरना जकाँ बह’ दीयै छलछल। 🫧 गंगेश गुंजन #उचितवक्ताडेस्क. टिप्पणियाँ
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