लीखब पढ़ब पर टीप टिप्पणी

किताब सँ पढ़लाहा सब चटपट लिखि देब, बोकरब भेल।                                लीखब तँ जाग्रत जन-जीवन जीवनक निज अनुभव क'हब भेल ।  📕

        गंगेश गुंजन#उचितवक्ताडेस्क।


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