ई केहन विचित्र बात जे
कान यंत्रक मामूली कूटक डिब्बा
बर्खक बर्ख रहि जाइत अछि कतहु ने कतहु।
मुदा अत्यंत आप्त कोनो स्नेहीक देल उपहार
योगा क’ रखबाक एक रती जगह नहि बांचल अछि
अहांक एतेक टा घर मे।
*
गंगेश गुंजन 14 सितंबर 2017 पारस टियरा।
ई केहन विचित्र बात जे
कान यंत्रक मामूली कूटक डिब्बा
बर्खक बर्ख रहि जाइत अछि कतहु ने कतहु।
मुदा अत्यंत आप्त कोनो स्नेहीक देल उपहार
योगा क’ रखबाक एक रती जगह नहि बांचल अछि
अहांक एतेक टा घर मे।
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गंगेश गुंजन 14 सितंबर 2017 पारस टियरा।
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