पैघ लोक - महान लोक

पैघ आ महान
*
अपना बल-बूता,बुद्धिबल कर्मठता, दूरदर्शिताक गुण ओ महत्त्वाकांक्षाक बल सं पैघ तं बनि जा सकैये मनुष्य‌
मुदा एतबे गुणक बले ओ संसार मे महान् नहि बनि सकैत अछि,भने ओकरा अधीन मे प्रचार-संचारोक सामर्थ्य रहौ।
      मनुष्य कें महान् बनबैत छैक संसार मे निरंतर ओकर त्यागमय उज्ज्वल कृतित्वक यश-प्रवाह,लोक आ समाज।
      महान समाजे टा बनबैत छैक मनुष्य कें।
*
२६.१०.’१७. क' हमर लीखल डायरी सन।

टिप्पणियाँ