केहन बात

बात
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ई केहन विचित्र बात जे
मामूली कूटक डिब्बा कान-यंत्रक
बर्खक बर्ख रहि जाइत अछि, कतहु ने कतहु।
मुदा अत्यंत आप्त कोनो स्नेहीक देल उपहार
योगा क’ रखबाक एक रती जगह
नहि बांचल अछि अहांक सौंसे घर मे।
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गंगेश गुंजन 14 सितंबर 2017 पारस टियरा।

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