मिथिला प्रेम

मिथिला अवश्य महान् मुदा तेँ मिथिला मे बसनहार अपात्रो-कुपात्र मैथिल महान् छी से नहि। मिथिला-प्रेम प्रदर्शनक भावुकता मे हमरा लोकनि बहुतो कें महान होयबाक भ्रम रहैये।नै रहबाक चाही।
      मिथिला आ मैथिलत्वक धारणाक पुनराविष्कार आ पुनर्जागरण हो तकर नव चेतना जगयबाक उद्योग-उपाय होयबाक चाही। एही टा सं समाज विज्ञान सम्मत रूपें मिथिला-विकासक वांछित उद्देश्य पयबाक समग्र मार्ग प्रशस्त हयत।
      विनम्र आग्रह प्रस्ताव !

निवेदन: ई राजनीतिक टिप्पणी नहि अछि।

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