भोर फ़रवरी 07, 2019 लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप भोर 🌻 फल जकां सोहि रहलय ब्रह्मांड कें उषाक आंगुर। अन्हारक खोंइचा इजोत पर सं छुटि रहलय, प्रात भ’ रहलय। ब्रह्माण्डक सोहल संतोला-सूर्य उगलाह ! 🌻 -गंगेशगुंजन। २८.११.’१७ ई. टिप्पणियाँ
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