बालबोध,बाढ़ि गाम आ महादेव

     ।। बाल बोध,बाढ़ि,गामक आ  
                महादेव।।
           ⛵☂️🌂☔⛵
एक बेर कोनो गाम मे बड़का भयावह बाढ़ि आबि गेलै। गाम पर विपत्ति भ' गेलै।त्राहि-त्राहि होअ' लगलै। तखन गाम सब मे जेना प्रथा जकां छैक जे
विपत्ति पड़ला पर,भरि गौंआ लोक बाढ़िक प्रकोप सं बंचवा लेल गामक ब्रह्मस्थान ‌मे पूजा करैए से,सवा लाख महादेवक पूजा ओरिआओन कयल गेलनि। यथा योग्य पूजा आरंभो भेल,मुदा हजार बीस-पचीसेक महादेवक पूजा होइत-होइत सामूहिक पूजा भ' रहल ओहि उंचका पर तेहन वेग मे ततेक जल्दी-जल्दी बाढ़िक पानि पहुंचि गेलै जे ओत' पूजाक पूरा सरंजाम दहा गेलै।
चिकनी माटिक ओतेक ओरिआओन सं बनाओल सब टा महादेवो डूबि गेलाह। बाढ़ि सं रक्षा करबा लेल जिनकर पूजा कयल जा रहल छल, ताहि महादेवे के बाढ़ि दहा क' ल' गेल।आब लिय: !
    बाल-शिक्षाक कोचिंग चलौनिहार शिक्षक अपने कक्षा मे छात्र सभ कें पुछलथिन :
'ई खिस्सा सुनि क' की शिक्षा भेटैत छैक,कहू तं विद्यार्थी ?'
-यैह जे महादेव सं बेसी बलमंत बाढ़ि होय छै सर ! तें गौंआं कें बाढ़िक पूजा करबाक चाहिअनि,महादेवक नहि।'
-नै सर दुनू मे सं ककरो नहि। ने महादेवक ने बाढ़िक। सर,गौआं कें नाह कें पूजा करबाक चाही। नाह  बाढ़ि सं बेसी बलमन्त होइए।देखियौ ने केहन-केहन बाढ़ि मे गामक-गाम लोक कें  खेपि-खेपि क' उंचका पर पहुंचबैए। मालों जाल के डूमै सं बंचबैये।' दोसर विद्यार्थी चोट्टहि कहलकनि।
-'नहि सर,जामुन गाछक पूजा करबाक चाही! किएक तं हमर बाबू कहै छथिन जे जामुन गाछक काठ सं नाह बेसी मजगूत होइ छै।जामुन गाछ रहत तखने ने बनत नाह !'
हाथ ऊंच उठा क' चारिम विद्यार्थी
उत्तर देलकनि।     
          ⛵☂️🌂☔⛵
         । उचितवक्ता डेस्क।
              -गंगेश गुंजन
                २६.७.'१९.

टिप्पणियाँ