साहित्य आ राजनीतिक
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साहित्य राजनीतिक मशाल होइअय, कोनो पार्टीक-मोटर वैनक ड्राइवर नहिं। मैथिली मे तं भरि देश,बेसी बुद्धिजीवी-साहित्यकार,संस्था सभक राजनीतिक गाड़ीक ड्राइवरी करैत बुझाइत छथि।
-गंगेश गुंजन.
(उचितवक्ता डेस्क)
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