प्रेमो हम धुर्झार लिखलिऐ ! सितंबर 15, 2019 लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप 🕊️🕊️🕊️ 🕊️🕊️ प्रेमो हम धुर्झार लिखलिऐ मुदा न से बेपार बनौलिऐ माटि-पानि मे रोपि,कमा क' अन्न बना क' प्राण रखलिऐ। अपनो खयल बिलहबो कयलिऐ। 🌾🌾🌾🌾🌾🌾🌾🌾 🌾🌾🌾🌾🌾 गंगेश गुंजन टिप्पणियाँ
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