मनुष्यक बाजब ! अक्टूबर 29, 2019 लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप मनुष्य,बहुत बाजैए-प्रेम सं ल' घृणा धरि।'मां' सबसं बेसी बजैए जीवन मे। प्रेम तकरा बाद।गंगेश गुंजन।(उचितवक्ता डेस्क) टिप्पणियाँ
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