चलय लगय तं कलम

धयल अछि तं मात्र एकटा वस्तु कलम।                                  चलय लगय तं ‘माँ’, ‘गोदान,’ चित्रा’ अछि।


गंगेश गुंजन (उचितवक्ता डेस्क)

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