कतेक विचित्र आ खतरा वला बात !
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कतेक विचित्र आ खतरा वला बात !
पहिने एक टा इनार में भरि टोल,गाम संग कतोक बटोही जल पीयैत रहय।
एकहि टा पोखरि मे अपन गाम संगहि आनो गामक बटोही, लोक नहा लैत रहय ।
से पूरा इनार एक परिवार आ टोल मात्र सोखि गेल ? ओकरा पीबि क'सुखा देलक? आ तहिना
संपूर्ण पोखरि पीबि गेल,
एक टा टोल !
आधार पोखरि अपने कहलक-
हम कोनो अपना मोने सखयलौं ?
सौंसे सोखि क’ हमरा गौआं लोक सुखा देलक !
-गंगेश गुंजन।१८.१०.'१९.
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