बेटी-बेटा अर्थात उपन्यास महाकाव्य !

स्त्री-पुरुषक संबंध कागज़ आ कलम जकाँ होइत अछि। कतोक पन्ना रफ़ भेलाक बाद कखनो उपन्यास सन बेटी आ कोनो महाकाव्य जकाँ बेटा लिखा  जाइत छैक। 

🌸🌸

गंगेश गुंजन।(उचितवक्ता डेस्क)

टिप्पणियाँ