महानता आ बोधिवृक्ष !

मनुष्यक महानता दूभि जकाँ भोरे-भोरे नहिं पनगि जाइत छैक। बोधिवृक्ष होयबा मे ओकरा शताब्दीक शताब्दी लागि जाइत छैक।

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गंगेश गुंजन।(उचितवक्ता डेस्क)

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