टिक टिक घोड़ा चल कलकत्ता

टिक-टिक घोड़ा ! 

किए करब आब टिक-टिक घोड़ा

भेटि  गेलय दादाजीक     कोरा


किए चढ़ब ग छुक-छुक गाड़ी

भेटल   बाबीक कोंचा  साड़ी


बाटीक दूध  पियब नहि आइ

अपने  हाथें   पिआबथि माइ


हाथ अछि धोेअल मुंहो धोल

तैयो  मचबैथ   बाबी घोल


कम बाजब जं घूम’ जाएब

मम्मी  कहथि बोल अमोल


जेहने झक-झक पैन्ट हमर

तहिना  उज्जर शर्ट  उपर


पढ़ी इजोत मे करी ने  कष्ट

तहिना करी सुलेख मे फस्ट 


भोरे उठि क’ नित्य क्रिया

बस्ता   ल’ स्कूल  झटपट !

🚴🚴🚴⛹️🤹🧘🚣🚴🚴🚴🚴

-गंगेश गुंजन

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