ज्ञानक छल ! जनवरी 03, 2020 लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप ज्ञानक छल (प्रपंच) समाजक सभ टा उत्पात ओ अशान्तिक जड़ि थीक।मनुष्यक ज्ञान जखन निश्छल भ' जाइत छैक तखन सामाजिक समरसता अनेरे आबि जाइत छैक। 🔥 गंगेश गुंजन। (उचित वक्ता डेस्क) टिप्पणियाँ
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