आदर्श पिता ओ गुरु एवं सन्तान। फ़रवरी 03, 2020 लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप आदर्श पिता वा गुरुक ई आकांक्षा रहैत छनि जे सन्तान आ शिष्य हुनकर व्यक्तित्वक विस्तार होइथ।अपन अनुरूप वा अनुवाद कथमपि नहिं चाहैत छथि।-गंगेश गुंजन उचितवक्ता डेस्क टिप्पणियाँ
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