कबतक वो उजाला रोक सकेंगे

कब तक वो उजाले का असर रोक सकेंगे।कब तक सही को झूठ यूँ  ही टोक सकेंगे।

***** गंगेश गुंजन। उचितवक्ता डेस्क।


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