नकारात्मक-सकारात्मक

मनुक्खक नकारात्मक भाव ढीठ आ दुस्साहसी होइत छैक। सकारात्मक भाव नम्र,संयत आ शालीन।

संकट काल में मनुष्यक एकरो परीक्षा होइत छैक।

    गंगेश गुंजन

[उचितवक्ता डेस्क]

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