गवाही छथि सूर्य चन्द्रमा

प्रेमक अपेक्षा मे पसरल चिर काल सं पियासल मनुष्यक प्राण,अनंत बिस्तारक कछ्मछ मरुस्थल मात्र थिक।                          सूर्य आ चन्द्रमा गवाही छथि।    

                     गंगेश गुंजन

                 [उचितवक्ता डेस्क]

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