दिल्ली नगर बस मे तामस : 1.
मानल जे लोक सभ सं कोंचल भरल छैक, 680 नंबर बस। पैर ध' क’ निचैन ठाढ़ भ’ सकवाक नहि छैक मिसियो भरि जगह मुदा तथापि तों,अपना सीट पर बैसल निफिकिर-निश्चिन्त छ’?जखन कि,अबस्से भरिसक पेंशन उठाब’ जा रहल, मैल कुचैल अपन हाथक झोरीक रक्षा करैत एहन धक्कम-धुक्की खाइत, डगमग होइत ठाढ़ रहबाक संघर्ष करैत बुढ़ा कें देखैत रहलाक बादहु,बैसले रहि जाय लगलहए अपना सीट पर-गंगेश गुंजन ! बूढ़ो लोक कें सीट देबा लेल आब तों नहि होअ’लगल’हए ठाढ़ ! सावधान, खबरदार !
गंगेश गुंजन
[उचितवक्ता डेस्क]
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