अपने घर मे भाड़ादार !

मक़ान मालिक होइतहुं मनुष्य,अपने घर मे भरि जन्म किरायेदार जकां रहैये।  

                    गंगेश गुंजन। 

                [उचितवक्ता डेस्क]

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