धूपाली हरियाली

तरस रहे हैं दोनों ही तरफ़ एक दूजे के लिए। बाहर धूपाली हरियाली, बन्द घर में आदमी।

                   गंगेश गुंजन।        

              [उचितवक्ता डेस्क]

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